Our Objectives

Facilitate Selfless Seva (निस्वार्थ सेवा)

Enabling old students to earn merits (Punnya) by helping new students with food, stay, and guidance freely.

सेवा: साधना का अभिन्न अंग

विपश्यना में हम सीखते हैं कि "अहंकार" (Ego) ही दुख का कारण है। और अहंकार को गलाने का सबसे सशक्त माध्यम है—सेवा। जब हम निस्वार्थ भाव से दूसरों की मदद करते हैं, तो हमारे भीतर की "मैं" की भावना कम होती है और "हम" की भावना जागृत होती है।

"Facilitate Selfless Seva" का अर्थ है एक ऐसा तंत्र बनाना जहाँ सेवा लेना और देना, दोनों ही सरल और पवित्र हों।

शुल्क नहीं, केवल पुण्य (No Charges, Only Merits)

धम्म मित्र के मूल में "निष्काम कर्म" है। इस प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से दी जाने वाली किसी भी मदद के लिए रत्ती भर भी शुल्क नहीं लिया जाएगा।

सेवा देने वाले के लिए:

यह एक अवसर है अपनी पारमिताओं को पुष्ट करने का। जब आप किसी अनजान साधक को अपने घर में आश्रय देते हैं या उसे भोजन कराते हैं, तो आप साक्षात धम्म की सेवा कर रहे होते हैं।

सेवा लेने वाले के लिए:

यह अनुभव करना कि पूरा संघ उनका परिवार है। यह कृतज्ञता का भाव जगाता है और साधना में और अधिक दृढ़ होने की प्रेरणा देता है।

सेवा के विविध रूप

इस मंच पर सेवा कई रूपों में हो सकती है:

  • आवास दान (Stay): यदि आपके पास जगह है, तो आप 1-2 दिन के लिए किसी साधक को अपने घर में रुकने की जगह दे सकते हैं।
  • भोजन दान (Food): शुद्ध शाकाहारी भोजन उपलब्ध कराना, जो एक साधक के लिए सबसे बड़ी जरूरत होती है।
  • वाहन सेवा (Ride): स्टेशन या एयरपोर्ट से विपश्यना सेंटर तक छोड़ना।
  • मार्गदर्शन (Guidance): नए शहर में सही रास्तों और साधनों की जानकारी देना।

दान की पवित्रता

भगवान बुद्ध ने कहा है कि दान वही श्रेष्ठ है जो श्रद्धा और खुशी से दिया जाए, और जिसमें बदले की कोई अपेक्षा न हो। यहाँ हम न तो पैसे मांगते हैं, न ही किसी प्रकार का एहसान जताते हैं। जो भी होता है, वह "दाना" की पवित्र भावना से होता है।

यह मंच पूरी तरह से फ्री है और हमेशा रहेगा। यहाँ तक कि इसके रखरखाव का खर्च भी स्वैच्छिक दान से ही चलता है। हम चाहते हैं कि धन कभी भी धम्म के रास्ते में बाधा न बने।

इस अभियान का हिस्सा बनें

क्या आप भी एक पुराने साधक हैं? आइए, साथ मिलकर इस पवित्र उद्देश्य को सफल बनाएं।